शहडोल, मजदूरों, किसानों, आदिवासियों, आंगनवाड़ी एवं आशा-उषा कार्यकर्ताओं की विभिन्न मांगों और अधिकारों को लेकर सोमवार को शहडोल में सीटू, किसान सभा एवं आदिवासी एकता महासभा के संयुक्त तत्वावधान में जेल भरो आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। रेन बसेरा परिसर में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले इस आंदोलन में जिलेभर से करीब 500 कामरेड साथी शामिल हुए।
जानकारी देते हुए सीटू जिला महासचिव कामरेड अरुण गौतम ने बताया कि केंद्र सरकार की मजदूर, किसान एवं गरीब विरोधी नीतियों के खिलाफ संयुक्त रूप से यह आंदोलन आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार श्रमिकों, किसानों और गरीब वर्ग के हितों की अनदेखी कर रही है तथा पूंजीपतियों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। मजदूरों और किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष को और व्यापक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लाल झंडे में इतनी ताकत है कि मजदूर, किसान और मेहनतकश वर्ग अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा और सरकार को अपनी मांगों के आगे झुकने के लिए मजबूर करेगा। उन्होंने कहा कि जब तक मजदूर-किसान एवं गरीब वर्ग की जायज मांगों का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
कार्यक्रम में शहडोल जिले के प्रभारी एवं मध्यप्रदेश किसान सभा के उपाध्यक्ष कामरेड रामनारायण कुररिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कामरेड रामनाथ यादव ने की। आंदोलन में सीटू से जुड़े कोयला श्रमिकों के साथ किसान सभा, आदिवासी एकता महासभा, आंगनवाड़ी तथा आशा-उषा कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। आशा-उषा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी आंदोलन में विशेष रूप से सराहनीय रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कामरेड रामनारायण कुररिया ने आंदोलन के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से प्रकाश डाला और मजदूर-किसान एकता को मजबूत करते हुए अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
इस दौरान कामरेड विनोद राय, सीटू जिला कार्यवाहक अध्यक्ष, कामरेड बुद्धसेन सिंह, मध्यप्रदेश अध्यक्ष आदिवासी एकता महासभा, कोयला क्षेत्र से कामरेड राकेश राय एवं कामरेड रामराज तिवारी, आंगनवाड़ी से कामरेड सीमा निगम तथा आशा-उषा से एकता उपाध्याय एवं शकुंतला द्विवेदी ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्षता कर रहे कामरेड रामनाथ यादव ने उपस्थित साथियों को संबोधित करते हुए सभी से ज्ञापन सौंपने के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। इसके बाद सभा समाप्त करने की घोषणा की गई।
आयोजकों के अनुसार, संयुक्त जेल भरो आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन में करीब 500 कामरेड साथियों की उपस्थिति रही। आंदोलन के दौरान मजदूर, किसान, आदिवासी एवं श्रमिक संगठनों की एकजुटता देखने को मिली।
शहडोल में सीटू-किसान सभा का संयुक्त जेल भरो आंदोलन रेन बसेरा में चार घंटे चला धरना-प्रदर्शन, करीब 500 कामरेड हुए शामिल
