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अनूपपुर। जिले के रक्सा-कोलमी क्षेत्र में प्रस्तावित ऊर्जा परियोजना को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कंपनी ने पहली बार विस्तार से अपना पक्ष सामने रखा है। कंपनी का कहना है कि परियोजना का उद्देश्य केवल औद्योगिक निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना, क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देना और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार लाभ उपलब्ध कराना भी है।
कंपनी के अनुसार परियोजना क्षेत्र के आसपास के अनेक ग्रामीणों एवं किसानों को आवश्यकता और उपलब्ध कार्य के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। कंपनी का दावा है कि कार्य के अनुरूप उचित भुगतान किया जा रहा है तथा भुगतान में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से निगरानी करते हैं और समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं।
कंपनी का कहना है कि परियोजना के निर्माण कार्य के आगे बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। निर्माण कार्य, परिवहन, मशीन संचालन, सुरक्षा सेवाएं, रखरखाव, खानपान, सामग्री आपूर्ति और अन्य सहयोगी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। कंपनी का कहना है कि स्थानीय लोगों की भागीदारी उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
स्वामित्व में बदलाव, दायित्वों में नहीं
कंपनी का कहना है कि स्वामित्व संरचना में हुए परिवर्तन के बावजूद परियोजना से जुड़े वैधानिक दायित्व समाप्त नहीं होते। कंपनी के अनुसार लागू कानूनों, वैध अनुबंधों और संबंधित प्रावधानों के तहत जो भी जिम्मेदारियां निर्धारित हैं, उनका पालन किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि उसका उद्देश्य सभी प्रक्रियाओं को नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाना है।
₹211 करोड़ के संबंध में कंपनी का स्पष्टीकरण
हाल के दिनों में सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर ₹211 करोड़ के कथित कॉर्पोरेट लेन-देन को लेकर कई प्रकार की चर्चाएं सामने आई हैं। इस संबंध में कंपनी के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट सुशील कांत मिश्रा ने कहा कि कंपनी के अनुसार इस विषय में कई जानकारियां अधूरी अथवा संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत की जा रही हैं, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यावसायिक लेन-देन या कॉर्पोरेट प्रक्रिया को समझने के लिए आधिकारिक दस्तावेजों, नियामकीय अभिलेखों और अधिकृत सूचनाओं को ही आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपुष्ट दावों और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के आधार पर निष्कर्ष न निकालें।
“अफवाहों से बचें, अधिकृत जानकारी पर भरोसा करें”
असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट सुशील कांत मिश्रा ने कहा कि परियोजना को लेकर कुछ लोगों द्वारा भ्रामक एवं अपुष्ट सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं, जिनसे स्थानीय लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए कंपनी के अधिकृत अधिकारियों अथवा संबंधित सरकारी विभागों से ही पुष्टि करें।

उन्होंने कहा कि कंपनी स्थानीय समुदाय के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी का प्रयास है कि परियोजना के प्रत्येक चरण में नियमानुसार कार्य करते हुए स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल सकती है नई गति
कंपनी का कहना है कि बड़े औद्योगिक निवेश के साथ क्षेत्र में परिवहन, छोटे व्यापार, किराये के वाहन, निर्माण सामग्री, होटल, भोजनालय, मशीनरी, श्रम सेवाओं और अन्य स्थानीय व्यवसायों को भी नई गति मिलने की संभावना है। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है और युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
कंपनी ने अंत में दोहराया कि वह परियोजना को कानून के अनुरूप, पारदर्शी प्रक्रिया और स्थानीय समुदाय के सहयोग के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा लोगों से अपील की कि वे किसी भी सूचना पर विश्वास करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें।
