सोहागपुरदामिनी माइन के मुख्य द्वार पर गुरुवार सुबह संयुक्त मोर्चा एचएमएस–इंटक–एटक–सीटू द्वारा 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर जोरदार गेट मीटिंग आयोजित की गई। यह बैठक सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक चली, जिसमें बड़ी संख्या में मजदूरों और कर्मचारियों ने भाग लेकर एकजुटता का संदेश दिया।गेट मीटिंग की अध्यक्षता कामरेड राजेश चंद्र शर्मा ने की, जो कंपनी वेलफेयर बोर्ड मेंबर होने के साथ-साथ एटक के सोहागपुर क्षेत्रीय सचिव भी हैं। बैठक का मंच संचालन एसएमएस से मनोज द्विवेदी ने प्रभावशाली ढंग से किया।सभा को संबोधित करते हुए एटक के एरिया अध्यक्ष रावेंद्र शुक्ला ने कहा कि आज मजदूर वर्ग लगातार बढ़ती महंगाई, निजीकरण और श्रम कानूनों में बदलाव के कारण गंभीर संकट से गुजर रहा है। सरकार और प्रबंधन की नीतियां श्रमिक विरोधी होती जा रही हैं, जिसके खिलाफ एकजुट संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है।एचएमएस के एरिया अध्यक्ष एवं एरिया सेफ्टी बोर्ड मेंबर राकेशकांत पाण्डेय ने खदानों में सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि उत्पादन बढ़ाने के दबाव में मजदूरों की जान को खतरे में डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपकरणों की कमी और मानकों की अनदेखी गंभीर हादसों को न्योता दे रही है।सीटू के राज्य सचिव एवं सोहागपुर क्षेत्रीय सचिव अरुण गौतम ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को कमजोर कर निजी हाथों में सौंपने की साजिश चल रही है। इससे न सिर्फ रोजगार घटेगा बल्कि श्रमिकों के अधिकार भी समाप्त हो जाएंगे।सीटू क्षेत्रीय वेलफेयर बोर्ड मेंबर धीरेंद्र पांडेय ने मजदूरों से अपील की कि वे किसी भी दबाव में आए बिना 12 फरवरी की हड़ताल को पूरी मजबूती से सफल बनाएं, ताकि सरकार और प्रबंधन तक श्रमिकों की आवाज मजबूती से पहुंचे।बैठक में जानकारी देते हुए विनोद शर्मा एचएमएस एरिया सेफ्टी बोर्ड मेंबर ने विस्तार से बताया कि यह हड़ताल मजदूरों की 17 सूत्रीय मांगों को लेकर की जा रही है, जिसमें स्थायी रोजगार, समान काम के लिए समान वेतन, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, महंगाई पर नियंत्रण, निजीकरण पर रोक और खदानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन मांगों को अनसुना किया गया तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा।गेट मीटिंग के दौरान मजदूरों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। “मजदूर एकता जिंदाबाद”, “हड़ताल सफल बनाओ” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि मजदूरों के भविष्य और अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है।अंत में सभी संगठनों ने एक स्वर में 12 फरवरी की हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया और मजदूरों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।



