
कोतमा।जिले के पयारी कदमटोला स्थित वेयरहाउस में धान लेकर पहुंचे किसानों ने धान की बार-बार जांच को लेकर सर्वेयर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि एक बार धान की गुणवत्ता जांच में पास होने के बावजूद बार-बार नए-नए बहानों से दोबारा जांच की जा रही है, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं।किसानों के अनुसार धान की तौल और भंडारण प्रक्रिया में अनावश्यक देरी की जा रही है। इस देरी के कारण उन्हें दिनभर वेयरहाउस के बाहर इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं परिवहन खर्च और समय की बर्बादी से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है और इसी कारण उन्हें बार-बार रोका जा रहा है।जांच को लेकर हुआ विवाद, राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगाया जामबताया गया कि 4 दिसंबर की सुबह करीब 10 बजे धान की जांच को लेकर किसानों और सर्वेयर के बीच विवाद की स्थिति बन गई। नाराज किसानों ने अपनी मांगों को लेकर नेशनल हाईवे-43 पर चक्का जाम कर दिया, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।पुलिस के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामलाचक्का जाम की सूचना मिलते ही फुनगा चौकी प्रभारी सोने सिंह परस्ते अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत की और किसानों तथा सर्वेयर के बीच समझाइश कराकर आपसी सहमति बनाई। इसके बाद किसानों ने चक्का जाम समाप्त किया और यातायात बहाल हो सका।पुलिस ने दोनों पक्षों को भविष्य में संयम बनाए रखने और किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैलाने के निर्देश दिए। वहीं वेयरहाउस प्रशासन को भी व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए कहा गया है।किसानों को शीघ्र समाधान की उम्मीदकिसानों का कहना है कि यदि धान खरीदी और जांच की प्रक्रिया इसी तरह बाधित होती रही तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने संबंधित विभाग से मांग की है कि धान खरीदी की प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु तरीके से संचालित किया जाए, ताकि किसानों को बार-बार परेशान न होना पड़े।किसान अब इस बात की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि विभाग जल्द इस पूरे मामले का स्थायी समाधान करेगा और उन्हें राहत मिलेगी।



