शहडोल।
9 जुलाई 2025 को सीटू (CITU – सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस) के नेतृत्व में शहडोल जिले में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक हड़ताल एवं रैली का आयोजन किया गया। इस आंदोलन ने महिलाओं की भागीदारी और उनकी सामाजिक-आर्थिक मांगों को लेकर एक मजबूत संदेश प्रशासन और सरकार तक पहुंचाया।
यह हड़ताल कोयला श्रमिकों की हड़ताल के समर्थन में भी आयोजित की गई, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में महिला श्रमिकों का हुजूम सड़कों पर उतरा। रैली में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, आशा-उषा कार्यकर्ता एवं मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स सहित लगभग 1850 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
गांधी स्टेडियम से कलेक्ट्रेट तक गूंजे अधिकारों के नारे
यह विशाल रैली गांधी स्टेडियम से शुरू होकर जय स्तंभ होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक निकाली गई। रैली में शामिल महिलाएं अपने हक की तख्तियां, बैनर और झंडे लिए “समान काम, समान वेतन”, “मानदेय में वृद्धि करो”, “कार्य का सम्मान दो”, “हम मांगे पूरी करो” जैसे नारों के साथ सड़कों पर उमड़ पड़ीं।
महिला नेतृत्व की मजबूत उपस्थिति
रैली के संचालन में महिला नेतृत्व ने एकजुटता और संगठित शक्ति का प्रदर्शन किया। प्रमुख रूप से आशा सिंह (जिला अध्यक्ष) नीतू सिंह, प्रियंका उपाध्याय, रेखा तिवारी, रामवती सिंह, सुनीता शुक्ला, मुन्नी शुक्ला, सुनीता गुप्ता और साधना मिश्रा जैसी महिला कार्यकर्ताओं ने रैली को नेतृत्व प्रदान किया।
मुख्य मांगे:
रैली के अंत में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा, जिसमें निम्नलिखित मुख्य मांगे रखी गईं:
आंगनवाड़ी, आशा, उषा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाया जाए
कार्यकर्ताओं को स्थायीकरण का दर्जा दिया जाए
भविष्य निधि (PF) योजना और सेवा सुरक्षा लागू हो
समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए
कार्य के अनुरूप सुविधाएं एवं सरकारी लाभ दिए जाएं
मेडिकल प्रतिनिधियों ने भी रखी आवाज
एमपीएसआरयू (मेडिकल एंड फार्मा सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन) के भी प्रतिनिधि इस रैली में सक्रिय रूप से शामिल हुए। संगठन की ओर से शत्रुघ्न लाल पांडे, बद्रीनारायण पांडे, अतुल गुप्ता, इस्माइल खान, राज मिश्रा, अनित शुक्ला जैसे पदाधिकारी मौजूद रहे।
इनकी प्रमुख मांगों में:
स्थायी नौकरी की गारंटी
इंसेंटिव प्रणाली में पारदर्शिता
कार्यदबाव कम करने की आवश्यकता
शामिल थी।
आशा-उषा कार्यकर्ताओं की भी मुखर मांगें
हरीश गर्ग, शकुंतला द्विवेदी, रचना गुप्ता, रूपा द्विवेदी और सपना मिश्रा के नेतृत्व में आशा और उषा कार्यकर्ताओं ने भी स्वास्थ्य क्षेत्र में जमीनी स्तर पर अपने कार्यों के लिए उचित सम्मान, मानदेय और सरकारी मान्यता की मांग रखी।
सीटू ने सरकार को चेताया — अगला कदम होगा राज्यव्यापी आंदोलन
रैली के अंत में सीटू के शहडोल जिला अध्यक्ष अरुण गौतम ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि “आज की यह हड़ताल शहडोल जिले में 100 प्रतिशत सफल रही। यह न केवल महिलाओं की आवाज़ है, बल्कि यह सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता का सशक्त विरोध है।”
उन्होंने कहा कि अगर 30 दिनों के भीतर प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो अगला आंदोलन राज्यव्यापी हड़ताल के रूप में होगा।
“यह केवल हड़ताल नहीं थी, यह एक चेतावनी थी। यदि हमारी बहनों की मांगें नहीं मानी गईं तो अब आंदोलन और उग्र रूप लेगा,” — अरुण गौतम।







