
अमरकंटक। शहडोल संभाग की पावन और आध्यात्मिक नगरी अमरकंटक एक बार पुनः भक्ति, आस्था और उत्सव के अद्भुत संगम की साक्षी बनने को तैयार है। तीन दिवसीय महाशिवरात्रि मेला 15 फरवरी 2026, रविवार से 17 फरवरी 2026, मंगलवार तक आयोजित किया जाएगा। आयोजन हेतु समस्त आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। जिला प्रशासन अनूपपुर के मार्गदर्शन एवं नगर परिषद अमरकंटक के समन्वित प्रयासों से संपूर्ण मेला क्षेत्र को सुव्यवस्थित एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया है।महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालु, तीर्थयात्री एवं पर्यटक पतित पावनी माँ नर्मदा के पावन तट पर स्नान, दर्शन, पूजन-अर्चन एवं साधना हेतु मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश एवं महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से यहाँ पहुँचते हैं। विशेष रूप से नर्मदा उद्गम स्थल, रामघाट, कोटि तीर्थ घाट, पुष्कर बांध एवं अरंडी संगम तट पर श्रद्धालुओं की आस्था की अविरल धारा प्रवाहित होगी। श्रद्धालु पवित्र जल में डुबकी लगाकर आध्यात्मिक शांति एवं पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों का भी सशक्त केंद्र बनता है। छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न अंचलों से व्यापारी वर्षों से इस अवसर की प्रतीक्षा करते हैं और अपनी दुकानें सजाकर मेले की रौनक बढ़ाते हैं। मेला मैदान को व्यापारिक गतिविधियों हेतु सुव्यवस्थित ढंग से तैयार किया गया है, जिससे आगंतुकों को खरीदारी में सुविधा हो सके।जिला प्रशासन द्वारा मध्यप्रदेश शासन की विभिन्न विभागीय योजनाओं की विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे आमजन को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त तीनों दिवसों तक छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक संध्या में गायन एवं नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी, जिनका हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालु एवं पर्यटक आनंद लेंगे। यह आयोजन आध्यात्मिकता के साथ-साथ लोकसंस्कृति के रंगों से भी सराबोर रहेगा।नगर परिषद अमरकंटक के मुख्य नगर पालिका अधिकारी चैन सिंह परस्ते ने जानकारी देते हुए बताया कि मेला आयोजन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूर्ण कर ली गई हैं। मेला क्षेत्र में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। मोबाइल टॉयलेट, पेयजल टैंकर, प्रकाश व्यवस्था एवं साफ-सफाई के विशेष प्रबंध किए गए हैं। मेला मैदान के समीप वाहन पार्किंग की सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त पुलिस बल एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि श्रद्धालु निर्भय होकर दर्शन एवं मेले का आनंद ले सकें। प्रशासन का उद्देश्य है कि यह महाशिवरात्रि मेला श्रद्धा, शांति और सुव्यवस्था का आदर्श उदाहरण बने।निस्संदेह, अमरकंटक का यह तीन दिवसीय महोत्सव भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का दिव्य उत्सव बनकर प्रदेश ही नहीं, अपितु देशभर के श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध होगा।







