
शहडोल। केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के विरोध में जिले में गुरुवार 12 फरवरी 2026 को व्यापक आंदोलन देखने को मिला। Centre of Indian Trade Unions (सीटू) की अगुवाई में आयोजित इस प्रदर्शन में श्रमिकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा-उषा कार्यकर्ताओं, एमपीएसआरयू तथा मध्यान्ह भोजन कर्मियों सहित बड़ी संख्या में मजदूर सड़कों पर उतरे। शहर में लाल झंडों के साथ निकली रैली ने श्रमिक एकजुटता का संदेश दिया।टेक्निकल स्कूल ग्राउंड में विशाल आमसभासुबह 11 बजे से 12 बजे के बीच टेक्निकल स्कूल ग्राउंड में लगभग 1500 से अधिक श्रमिक एकत्र हुए। दोपहर 2 बजे तक चली आमसभा में श्रमिक अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन और रोजगार सुरक्षा के मुद्दों पर जोरदार चर्चा हुई।जिला इकाई शहडोल के महासचिव कामरेड अरुण गौतम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि केंद्र सरकार ने 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड लागू किए हैं, जो पूरी तरह उद्योगपतियों के हित में और श्रमिकों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि इन कोडों से मजदूरों की सुरक्षा, स्थायित्व और ट्रेड यूनियन अधिकार कमजोर होंगे।अरुण गौतम ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां किसानों को भी प्रभावित कर रही हैं और मजदूर–किसान एकजुट होकर इसका विरोध करेंगे।किसान सभा का मिला समर्थनचार लेबर कोड के विरोध में किसान सभा से कामरेड रामनाथ यादव और कामरेड बुद्धसेन सिंह लगभग 100 साथियों के साथ आमसभा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल मजदूरों का नहीं, बल्कि किसान वर्ग का भी है और संयुक्त रूप से इसका विरोध किया जाएगा।रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापनदोपहर 2 बजे टेक्निकल ग्राउंड से रैली प्रारंभ हुई, जो पुराना बस स्टैंड होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची। वहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि चारों लेबर कोड वापस लिए जाएं और श्रमिक हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।ज्ञापन सौंपते समय मुख्य रूप से कामरेड अरुण गौतम उपस्थित रहे। उनके साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सीमा श्रीवास्तव, नीतू सिंह, निशा पाठक, सरस्वती केवट, रेनू रजक; आशा-उषा कार्यकर्ता एकता उपाध्याय, शकुंतला द्विवेदी, रचना गुप्ता; एमपीएसआरयू से कामरेड हरीश गर्ग, कामरेड शत्रुघ्न पांडेय, अतुल गुप्ता, विकास पांडेय, राजमणि मिश्रा, अनुपम, अनीत सहित बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।ब्यौहारी ब्लॉक में भी सौंपा गया ज्ञापनकलेक्ट्रेट कार्यालय दूरी पर होने के कारण ब्यौहारी में ब्लॉक स्तर पर अलग कार्यक्रम आयोजित किया गया। शैली मिश्रा के नेतृत्व में निधि श्रीवास्तव, सुधा कुशवाहा, मीना गुप्ता, अर्चना पटेल तथा ज्योति सिंह बारगाही के मार्गदर्शन में लगभग 500 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और लेबर कोड का विरोध दर्ज कराया।संघर्ष को तेज करने की चेतावनीसभा के अंत में सीटू नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार ने श्रमिकों और किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान शहर की सड़कों पर लाल झंडों और नारों की गूंज ने यह स्पष्ट कर दिया कि श्रमिक वर्ग अपने अधिकारों के लिए एकजुट है और संघर्ष जारी रहेगा।







