• Thu. Jan 15th, 2026

News Junction MP Chhattisgarh

India #1 News Platform

धान परिवहन ठप, किसानों का भुगतान अटकाअनूपपुर में खरीदी केंद्र बने गोदाम, खुले आसमान के नीचे सड़ रहा हजारों क्विंटल धान प्रशासनिक लापरवाही से किसानों का आर्थिक-मानसिक शोषण जारी – अनिल कुमार गुप्ता

Spread the love

अनूपपुर।जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था किसानों के लिए राहत बनने के बजाय अब संकट का कारण बनती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं पूर्व उपाध्यक्ष विन्ध्य विकास प्राधिकरण श्री अनिल कुमार गुप्ता ने प्रेस को जारी विस्तृत बयान में कहा है कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अनूपपुर जिले में खरीदी केंद्रों से धान का परिवहन नहीं किया जा रहा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।श्री गुप्ता ने बताया कि 1 दिसम्बर से जिले के विभिन्न खरीदी केंद्रों में धान खरीदी प्रारंभ की गई थी, लेकिन खरीदी के बाद धान को गोदामों तक पहुंचाने की व्यवस्था पूरी तरह विफल हो गई है। स्थिति यह है कि कई केंद्रों पर 10 से 12 हजार क्विंटल तक धान खुले मैदान में पड़ा हुआ है। न तो पर्याप्त तिरपाल की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के इंतजाम, जिससे धान के खराब होने और वजन घटने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।भुगतान लंबित, किसान दर-दर भटकने को मजबूरभाजपा नेता ने कहा कि धान परिवहन न होने का सीधा असर किसानों के भुगतान पर पड़ रहा है। नियमों के अनुसार परिवहन और भंडारण के बाद ही किसानों को भुगतान की प्रक्रिया पूरी होती है, लेकिन व्यवस्था ठप होने से हजारों किसानों का भुगतान अटका हुआ है। किसान रोज खरीदी केंद्रों और सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है।उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसानों को मानसिक रूप से तोड़ रही है। फसल बेचने के बाद भी पैसा न मिलना किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। कई किसान कर्ज में डूबे हैं और उन्हें अगली फसल की तैयारी के लिए धन की सख्त जरूरत है।बिचौलियों को मिल रहा फायदा, किसान हो रहा शोषितश्री गुप्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासनिक लापरवाही का फायदा बिचौलियों को मिल रहा है। भुगतान में देरी और अव्यवस्था से परेशान किसान मजबूरी में खुले बाजार में या बिचौलियों को समर्थन मूल्य से कम दाम पर धान बेचने को विवश हो रहे हैं। इससे किसानों का सीधा आर्थिक शोषण हो रहा है और सरकार की किसान हितैषी नीतियां कागजों तक सीमित नजर आ रही हैं।प्रशासन बना मूक दर्शकभाजपा नेता ने कहा कि अनूपपुर जिले की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। जिम्मेदार अधिकारी स्थिति से अवगत होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। न तो अतिरिक्त परिवहन साधनों की व्यवस्था की गई है और न ही किसी प्रकार का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की यह निष्क्रियता दुर्भाग्यपूर्ण है और किसानों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाती है।विशेष अभियान चलाने की मांगश्री अनिल कुमार गुप्ता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि धान परिवहन के लिए तत्काल विशेष अभियान शुरू किया जाए। खरीदी केंद्रों से गोदामों तक धान पहुंचाने के लिए पर्याप्त ट्रक और संसाधन लगाए जाएं तथा भुगतान प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो किसानों में व्यापक आक्रोश फैल सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसान अन्नदाता है और उसकी उपेक्षा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। समय पर परिवहन और भुगतान सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है, न कि किसानों पर बोझ डालना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *