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कोटमी-जैतहरी-परासी-महुदा रोड बनी हादसों का अड्डा, गड्ढों और कीचड़ से राहगीर बेहाल

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अनूपपुर। कोटमी तिराहा से परासी-जमुना की ओर जाने वाली मुख्य सड़क और धुरवासिन से जैतहरी की ओर जाने वाली रोड की हालत इन दिनों बेहद जर्जर हो चुकी है। इस मार्ग की बदहाली ने सैकड़ों गांवों के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल में डाल दिया है। गड्ढों, कीचड़, टूटे पत्थरों और जगह-जगह जमा पानी के कारण यह मार्ग अब आमजनों और वाहन चालकों के लिए खतरे का पर्याय बन चुका है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बारिश के मौसम में यह सड़क और भी खतरनाक हो जाती है। कई बार स्कूली बच्चों की बसें और दोपहिया वाहन इस रास्ते पर फिसल चुके हैं, जिससे दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है।

उल्लेखनीय है कि जैतहरी के राठौर चौक में कुछ महीने पहले इस सड़क के जीर्णोद्धार के लिए भूमि पूजन किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि पूजन केवल औपचारिकता बन कर रह गया और अब सड़क की स्थिति पहले से भी अधिक खराब हो चुकी है।

रोजाना इस मार्ग से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, किसान, मजदूर और स्कूली छात्र-छात्राएं गुजरते हैं। रोड की खस्ताहालत से उनका आना-जाना दुष्कर हो गया है। बड़े-बड़े गड्ढों में जमा पानी और कीचड़ से वाहन फिसल रहे हैं, जिससे हादसे होना अब आम बात हो गई है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि इस सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए और सुरक्षा मानकों के अनुरूप इसका पुनर्निर्माण किया जाए। साथ ही यह सवाल भी उठाया गया है कि भूमि पूजन के बाद निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं हुआ और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाए।

इस सड़क की बदहाली सिर्फ एक विकास परियोजना में देरी नहीं, बल्कि जनहित की अनदेखी का उदाहरण बन चुकी है। लोग अब प्रशासन से त्वरित और ठोस कार्यवाही की उम्मीद कर रहे हैं।

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