• Mon. Mar 2nd, 2026

News Junction MP Chhattisgarh

India #1 News Platform

कोर्ट फीस के टिकट पर शपथ पत्र या नोटरी कहा तक सही

Spread the love

अनूपपुर। राजनगर नगर परिषद बनगवां और एस ई सी एल के कार्यालयों में कुछ वकीलों द्वारा कोर्ट फीस के टिकट पर शपथ पत्र या नोटरी बनाकर नगर वासियों को बेवकूफ बनाया जा रहा है। और कुछ वकीलों द्वारा 400 रुपए फीस वसूल रहे हैं, क्या इस पर कभी किसी ने ध्यान दिया क्या इस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर महोदय और बार काउंसिल के द्वारा कार्यवाही की जाएगी। क्योंकि मामला कुछ दिनों पहले नगर परिषद बनगवां राजनगर में आया की कुछ वकीलों द्वारा कोर्ट फीस के टिकट पर शपथ पत्र या नोटरी बनाया जा रहा है और उसकी फीस लोगों से 400 तक लिया जा रहा है जब कुछ लोगों का कार्य उस शपथ पत्र या नोटरी से नहीं हुआ तब जाकर यह मामला उजागर हुआ। क्योंकि कुछ लोगों द्वारा ₹10 के कोर्ट फीस के टिकट में शपथ पत्र या नोटरी बनाकर दे दिया गया और उस व्यक्ति का काम उसे शपथ पत्र या नोटरी के कारण रुक गया। कई अधिवक्ता जिनके पास नोटरी नहीं है वह इस पूरे प्रकरण में लिप्त है तो क्या बर काउंसिल इस पर कोई एक्शन लेगी। इन अधिवक्ताओं द्वारा सिर्फ शपथ के नाम पर आम व्यक्ति के साथ छलावा किया जा रहा है। इसकी शिकायत जिला डंडा अधिकारी महोदय जिला अनूपपुर मध्य प्रदेश को भी की गई है कि कोर्ट फीस की टिकट लगाकर शपथ पत्र या नोटरी नगर परिषद या कॉलरी के कर्मियों को दिया जाना उचित नहीं है साथ ही एक शपथ पत्र के 300 से 400 तक लिए जा रहे हैं वह कहां तक उचित है।यह एक गंभीर मामला है जिसमें संबंधित अधिकारी को जवाब देना होगा और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करना होगा।जानकारी न होने के कारण हफ्ते भर पहले तक उसे प्रकार का शपथ पत्र लिया जा रहा था जानकारी होने के बाद₹10 के कोर्ट फीस पर जो भी शपथ पत्र या नोटरी बनाया जा रहा है उसे नगर परिषद द्वारा नहीं लिया जा रहा है।

एसईसीएल की हैवी गाड़ी से युवक की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्का जाम
सोहागपुर में लेबर कोड के विरोध में संयुक्त मोर्चा की ऐतिहासिक हड़ताल सफल, सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक गेट पर डटे रहे श्रमिक एचएमएस, इंटक, एटक और सीटू की एकजुटता; डिस्पैच तक रोका, श्रमिक अधिकारों पर सरकार को घेरा
सोहागपुर क्षेत्र में ऐतिहासिक रही 12 फरवरी की हड़ताल, श्रमिक एकता ने प्रबंधन और केंद्र सरकार को दिया स्पष्ट संदेश संयुक्त मोर्चा—इंटक, एटक, सीटू एवं एचएमएस के आह्वान पर श्रम विरोधी कानूनों के खिलाफ ठप रहा कामकाज, 12वें वेतन समझौते पर भी बढ़ा दबाव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *